उत्तराखंड: कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का निधन, काफी वक्त से थे बीमार
<p style=”text-align: justify;”>उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट (Hira Singh Bisht Passes Away) अब इस दुनिया में नहीं रहे, उन्होंने रविवार देर रात करीब 1:30 बजे देहरादून के सिटी हार्ट अस्पताल में अंतिम सांस ली. पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट काफी वक्त से अस्वस्थ चल रहे थे, बिष्ट के निधन की खबर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में शोक की लहर है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>हीरा सिंह बिष्ट के पैतृक गांव नालपानी के श्मशान घाट में राजकीय सम्मान और श्रद्धांजलि के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. दिवंगत हीरा सिंह बिष्ट को उत्तराखंड की राजनीति में जननेता के रूप में पहचान मिली. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हीरा सिंह बिष्ट ने हमेशा गरीब वर्ग, मजदूरों और कर्मचारियों के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया है. उत्तराखंड में कांग्रेस को मजबूत करने में हीरा सिंह बिष्ट की अहम भूमिका मानी जाती है.</p>
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<h3 style=”text-align: justify;”>जीवनकाल और राजनैतिक भूमिका </h3>
<p style=”text-align: justify;”>हीरा सिंह बिष्ट का जन्म 4 नवंबर 1940 को हुआ था, बिष्ट उत्तराखंड और अभिभाजित उत्तरप्रदेश की राजनीति के जाना माना चेहरा रहे हैं. तीन बार के विधायक और एक बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हीरा सिंह बिष्ट के निधन से राजनैतिक गलियारों में भी शोक की लहर उमड़ पड़ी है. हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी गणेश गोदियाल ने गहरा दुख प्रकट किया है, साथ ही उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सन 1985 में यूपी के देहरादून से पहली बार बने थे विधायक</h3>
<p style=”text-align: justify;”>हीरा सिंह बिष्ट सन1985 में पहली बार अभिभाजीत उत्तरप्रदेश की देहरादून विधानसभा में वह विधायक चुने गए. उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद 2002 में देहरादून की राजपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल कर वह उत्तराखंड की पहली विधानसभा के सदस्य बने, जिसके बाद डोईवाला विधानसभा सीट से 2014 के उपचुनाव में जानता ने उन्हें अपना जनप्रतिनिधि चुना. इसी दौरान एनडी तिवारी सरकार में वह कैबिनेट मंत्री भी रहे.</p>
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