आजादी के जश्न में बंटवारे का दर्द: जानिए कैसे रिफ्यूजी मार्केट से बनी गाजियाबाद की पहचान 'भगत सिंह गोल मार्केट'
Ghaziabad News: 15 अगस्त 1947 को देश आजादी के जश्न में डूबा था, लेकिन इसी तारीख के सीने में बंटवारे का वह गहरा जख्म भी दर्ज है जिसकी टीस आज भी कई परिवारों के दिलों में ताजा है. अपना घर-बार और जमा-पूंजी पाकिस्तान में छोड़कर गाजियाबाद पहुंचे शरणार्थियों ने जब अपनी जिंदगी को शून्य से शुरू किया, तो ‘रिफ्यूजी मार्केट’ उनकी नई उम्मीद बनी. आज वही बाजार ‘भगत सिंह गोल मार्केट’ के रूप में न केवल गाजियाबाद की ऐतिहासिक पहचान है, बल्कि यहां के दुकानों में बंटवारे के दर्द और संघर्ष की विरासत चौथी पीढ़ी तक जीवंत खड़ी है.