जिसकी कलम से निकला ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’, जानिए कौन थे तिरंगे को आवाज देने वाले श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’
Jhanda Geet Writer Shyam Lal Gupta: तिरंगे के साथ आज भी गूंजने वाला देशभक्ति गीत ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ लिखने वाले श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ का कानपुर से गहरा रिश्ता था. नर्वल में जन्मे पार्षद ने महज 15 साल की उम्र में रामकथा लिख दी थी और आगे चलकर गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रेरणा से ऐसा गीत रचा, जिसने आजादी के आंदोलन में लोगों के भीतर जोश भर दिया. 3-4 मार्च 1924 को लिखे इस गीत का पहला सार्वजनिक गायन कानपुर के फूलबाग में हुआ था. खुद स्वतंत्रता संग्राम में कई बार जेल जाने वाले पार्षद ने आजादी के बाद लाल किले की प्राचीर से भी अपना लिखा यही गीत गाया था.