जेलर साहब… सुन लो मेरी फरियाद, नीले ड्रम वाली मुस्कान को सता रहा कैसा गम? जेल में कर रही 'अजीब' डिमांड
मेरठ जेल में बंद ‘नीले ड्रम’ वाली मुस्कान के दिन दर्दभरे नगमे सुनकर गुजर रहे हैं. उसके मामले पर जल्द ही फैसला आने वाला है. फैसले से पहले की टेंशन को दूर करने के लिए मुस्कान जेल के इंटरनल रेडियो स्टेशन ‘रेडियो परवाज’ पर 70, 80 और 90 के दशक के दर्द भरे और रोमांटिक नगमे सुन रही है. जेल नियमावली के चलते अलग बैरक में बंद प्रेमी साहिल से मुलाकात न होने पर दोनों गानों के जरिए अपने जज्बात बयां कर रहे हैं. जेल अधीक्षक के अनुसार रेडियो से बंदियों का तनाव घट रहा है.