राम मंदिर ट्रस्ट बैठक के बाद भड़के परमानंद महाराज ने उठाया सवाल, बोले- चंपत राय को पहले से पता था तो…
<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में कल राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक कल (6 जुलाई) को की गई थी. इस बैठक में आरोपी चंपत राय के इस्तीफे को मंजूरी मिल गई थी. इसके साथ ही ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य अनिल मिश्रा का भी इस्तीफा मंजूर कर लिया गया था. इस बैठक की शुरुआत ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने एजेंडा प्रस्तुत करते हुए चढ़ावा चोरी के मामले पर चर्चा से की.</p>
<p style="text-align: justify;">बैठक के बाद परमानंद महाराज ने चर्चा करते हुए कहा कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मामले की जानकारी पहले से होने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?</p>
<h3 style="text-align: justify;">’चंपत राय ने पहले कोई कदम क्यों नहीं उठाया?'</h3>
<p style="text-align: justify;">परमानंद महाराज ने यह भी कहा कि यदि चंपत राय को पहले से ही मामले की जानकारी थी तो, उन्होंने समय रहते ही कोई कदम क्यों नहीं उठाया? वहीं उन्होंने फिलहाल इसका कोई जवाब भी नहीं दिया है. हालांकि, बैठक में एसआईटी रिपोर्ट पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी कहा गया कि चंपत राय लंबे समय तक यहां सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, ऐसे में स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं और बैठक में भी इसी तरह की शंकाएं सामने भी आईं. परमानंद जी महाराज ने कहा कि यदि ट्रस्ट के सभी ट्रस्टियों पर लगातार सवाल उठते रहे और संस्था की साख प्रभावित होती रही, तो चंपक राय ट्रस्ट को भंग करने के विकल्प पर भी विचार कर सकते थे.</p>
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<h3 style="text-align: justify;">बैठक में गोविंद देव गिरी और धीनेन्द्र गिरी से जुड़े सवालों पर भी जवाब</h3>
<p style="text-align: justify;">बैठक के दौरान गोविंद देव गिरी और धीनेन्द्र गिरी से जुड़े सवालों पर भी जवाब दिया गया. वहीं, इस पूरे विवाद पर हो रही राजनीतिक बयानबाजी को लेकर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनेता चुनावी राजनीति के तहत अक्सर झूठे या भ्रामक बयान देते हैं, क्योंकि उनका मुख्य उद्देश्य चुनाव जीतना होता है.</p>
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