न बिजली का तामझाम, न रिमोट…खुद-ब-खुद हिलती-डुलती हैं भगवान कृष्ण और कंस की मूर्तियां, उंगली पर घूमता सुदर्शन चक्र
Ghazipur News: आस्था जब आधुनिक यांत्रिकी और पारंपरिक मूर्तिकला से मिलती है, तो दृश्य अलौकिक हो उठता है. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर कचहरी परिसर में हर वर्ष जन्माष्टमी पर सजने वाली झांकियां केवल मिट्टी की मूरतें नहीं, बल्कि चलती-फिरती, जीवंत लीलाएं बन जाती हैं. यहां भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र उंगली पर घूमता है और कंस वध का दृश्य सजीव हो उठता है. बक्सर के हुनरमंद कारीगरों की चार दशकों की तपस्या और तकनीक का यह संगम हर देखने वाले को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देता है.