Paddy Farming : धान में क्यों बनते हैं बांझ कल्ले, 99% किसान नहीं जानते, आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?
Paddy Farming Tips : धान किसान पैदावार बढ़ाने के लिए अक्सर अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं. इससे कल्ले तो ज्यादा निकल आते हैं, लेकिन उनमें से कई बिना बाली के ही रह जाते हैं. इन्हें ‘अवांछित’ या ‘बांझ कल्ले’ कहा जाता है. शाहजहांपुर के किसान रनजोद सिंह लोकल 18 से कहते हैं कि नाइट्रोजन का अत्यधिक प्रयोग केवल वानस्पतिक वृद्धि को बढ़ावा देता है, जिससे बांझ कल्लों की संख्या बढ़ती है. संतुलित उर्वरक प्रबंधन, विशेषकर पोटाश और जिंक का सही उपयोग, सभी कल्लों में स्वस्थ बाली बनने के लिए जरूरी है. अगर किसान शुरुआत से ही सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित संतुलन बनाकर रखें, तो हर कल्ले से चमकदार और दानेदार बाली मिलेगी. नाइट्रोजन के साथ-साथ म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) का प्रयोग बेहद जरूरी है. पोटाश पौधों के तनों को मजबूत बनाता है और बालियों में दानों का भराव सही तरीके से सुनिश्चित करता है, जिससे बांझ कल्ले नहीं बनते हैं.