OPINION: 'भागते भूत की लंगोटी भली' की राह क्यों चलते हैं छोटे दल, यूपी चुनाव में कांग्रेस की भी यही हालत
UP Elections Seat Sharing: भारत के हर राज्य में क्षेत्रीय पार्टियां सक्रिय हैं. चुनाव के समय ये बड़े दलों के साथ गठबंधन का प्रयास करते हैं. गठबंधन हो जाने पर ज्यादा से ज्यादा सीटों पर अपनी पार्टी के सिंबल पर प्रत्याशी उतारने को उतावले दिखते हैं. कई राज्यों में बड़े दलों के साथ भी वहां की मजबूत पार्टी के सामने यही हालत दिखती है. उदाहरण के लिए कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों में इसी हैसियत में दिखती हैं. इन पार्टियों के पास ना तो संगठन होते हैं और ना तो चुनाव में उतारने के लिए जिताऊ प्रत्याशी, लेकिन ये गठबंधन में ज्यादा सीटें मांगने पर अड़े रहते हैं. ऐसी स्थिति में ‘सिंबल हमारा, प्रत्याशी तुम्हारा’ फॉर्मूला चल पड़ा है. आइए समझते हैं कि चुनाव के बाद इसके क्या नुकसान होते हैं.