Bhindi Farming : पीली पड़कर सूख रही पत्तियां, जानिए भिंडी की फसल पर ये कैसी आफत?
Bhindi Farming Tips : भिंडी की फसल के लिए ‘येलो वेन मोजैक वायरस’ हमेशा से घातक रहा है. इस खतरनाक वायरस के चपेट में आते ही लहलहाती फसल तेजी से पीली पड़कर सूखने लगती है. पत्तियों की नसों से शुरू होने वाला यह रोग देखते ही देखते पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लेता है. लोकल 18 ने इस पर नियंत्रण के लिए शाहजहांपुर के जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक से बात की. डॉ. पुनीत बताते हैं कि येलो वेन मोजैक वायरस सफेद मक्खी के जरिए एक पौधे से दूसरे पौधे में फैलता है. प्रभावित पौधों में या तो फल नहीं लगते, या फिर जो भिंडी आती है, वह पीली, सख्त और विकृत हो जाती है. इस रोग की रोकथाम के लिए सबसे पहले संक्रमित पौधों को उखाड़ दें. इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मिली प्रति लीटर या एसीटामिप्रिड का छिड़काव कर सकते हैं. खेत के चारों ओर मक्का या ज्वार जैसी फसलों की दो-तीन कतारें लगाकर ‘बॉर्डर क्रॉप’ तैयार करें, जो वायरस वाहक कीटों को अंदर आने से रोकेगा.