'सिर्फ कागजों में संवरे पार्क, जमीनी हकीकत बदहाल', शिकोहाबाद के सुभाष पार्क की बदहाली पर भड़की जनता
एक तरफ सूबे की सरकार शहरों को हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए पानी की तरह बजट बहा रही है, तो दूसरी तरफ धरातल पर जिम्मेदार अफसर इन दावों को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में नगर पालिका के दावों और हकीकत के बीच की खाई इतनी गहरी हो चुकी है कि लाखों-करोड़ों के बजट के बावजूद पार्क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं. ‘सीएम वैश्विक नगरोदय योजना’ के तहत संवरने का इंतजार कर रहे सुभाष पार्क की जमीनी तस्वीर सरकारी दावों की कलई खोलने के लिए काफी है.