रामपुर मीना बाजार ग्राउंड रिपोर्ट: साल भर पहले टूटी दुकानें, 10 करोड़ के कॉम्प्लेक्स का वादा कागजों में, सड़क किनारे पेट पालने को मजबूर व्यापारी
कभी खरीदारों की भीड़ और कारोबार की खनक से गुलजार रहने वाला रामपुर का ऐतिहासिक मीना बाजार आज उजड़े सपनों और टूटे वादों का गवाह बन चुका है. करीब एक साल पहले जब यहां अतिक्रमण के नाम पर बुलडोजर चला, तो दशकों पुरानी दुकानें मलबे में तब्दील हो गईं. उस वक्त 10 करोड़ रुपये की लागत से 8 महीने में ‘राम रहीम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स’ बनाकर व्यापारियों को छत देने का सब्जबाग दिखाया गया था. लेकिन हकीकत यह है कि आज एक साल बीत जाने के बाद भी जमीन पर एक ईंट तक नहीं रखी गई. 50-60 साल से पीढ़ी-दर-पीढ़ी कारोबार करने वाले व्यापारी आज सड़क किनारे दीवार के सहारे बैठकर अपना पेट पालने को मजबूर हैं. व्यवस्था की बेरुखी और अधूरे वादों के बीच मीना बाजार के विस्थापित दुकानदारों की पीड़ा बयां करती यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट.