Hindi Diwas: BHU की 106 साल पुरानी ये इमारत आज भी सहेजे है हिंदी की विरासत, यहीं से जुड़े रहे नामवर सिंह और केदारनाथ सिंह जैसे दिग्गज
Hindi Diwas Special: वाराणसी का बीएचयू सिर्फ पढ़ाई के लिए ही नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के विकास और उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने की लंबी कहानी भी अपने अंदर समेटे हुए है. विश्वविद्यालय की स्थापना के कुछ साल बाद ही यहां हिंदी की बाकायदा पढ़ाई शुरू हुई और हिंदी भवन आगे चलकर कई बड़े साहित्यकारों और विद्वानों की कर्मभूमि बना. महामना पंडित मदन मोहन मालवीय से लेकर आचार्य रामचंद्र शुक्ल और बाबू श्याम सुंदर दास जैसे विद्वानों का इससे जुड़ाव रहा. इसी विभाग से पढ़कर कई नामचीन साहित्यकारों ने हिंदी जगत में अपनी अलग पहचान बनाई. खास बात यह है कि 106 साल पुरानी इमारत में आज भी हिंदी की पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियां जारी हैं.