हाईकोर्ट : घायलों के बयानों में मामूली विरोधाभास से अविश्वसनीय नहीं होती पूरी गवाही, उम्रकैद की सजा बरकरार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 41 साल पुराने हत्याकांड में दोषी को मिली उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। कहा, हत्या जैसे जघन्य मामलों में घायल गवाहों की गवाही में मामूली विरोधाभास से पूरी गवाही अविश्वसनीय नहीं माना जा सकती है।