सुलतानपुर: वक्त बदला पर नहीं टूटा रिश्ता, 38 वर्षों से टाइपराइटर की 'टिक-टिक' से जिंदगी चला रहे रामचंद्र यादव
वक्त के साथ दुनिया डिजिटल हो गई, लेकिन उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक कहानी ऐसी भी है जहां समय आज भी पुरानी मशीन की खट-खट में थमा हुआ है. ढलती उम्र, कांपते हाथ और सिकुड़ती चमड़ी के बीच 38 सालों से चल रहा टाइपराइटर सिर्फ रोजी-रोटी का जरिया नहीं, बल्कि एक इंसान की जिंदादिली और जद्दोजहद का गवाह है.