पहले निर्भया और अब ये… 14 साल बाद भी वही सवाल, सुरक्षा के नियम-कानून सब हैं, पर चलती बस में दरिंदगी कैसे रोकें?
ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली आईएसबीटी जा रही स्लीपर बस में 16 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने निर्भया कांड के बाद बनाए गए बस सुरक्षा नियमों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. दिल्ली सरकार ने बसों में VLTD, पैनिक बटन, स्टाफ वेरिफिकेशन, पारदर्शी खिड़कियां और महिला सुरक्षा से जुड़े सख्त निर्देश जारी किए हैं. लेकिन बड़ा सवाल यही है कि जब नियम पहले से मौजूद थे तो 4 अगस्त जैसी वारदात कैसे हुई? क्या सिर्फ नए निर्देश जारी करना काफी है या नियम लागू कराने वालों की जवाबदेही भी तय होगी?