तकलीफों में गुजरा बचपन, कड़ी मेहनत में बीत गई जवानी, फिल्म जैसी है ओमप्रकाश की कहानी
उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद की ओमप्रकाश की कहानी अलग है बचपन में भाभी का दूध पीकर बड़ा हुए और पिता का फर्ज भाई ने निभाया, फिर संघर्ष किया और ग्राम पंचायत अधिकारी बने. अपने पूरे फर्ज का निर्वहन किया सर्विस से रिटायर होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारे आज भी कर रहे संघर्ष और पेंशन के सहारे चला रहे अपना जीवन, जाने क्या है ओमप्रकाश की कहानी उन्हीं के जुबानी.