CM योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ को बताया समरसता का महापर्व, प्रदेशवासियों से की खास अपील
<p style=”text-align: justify;”>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> ने <a title=”सावन” href=”https://www.abplive.com/topic/sawan-2026″ data-type=”interlinkingkeywords”>सावन</a> के महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रदेशवासियों के नाम चिट्ठी लिखी है. उन्होंने कांवड़ यात्रा को समरसता का महापर्व बताया और कहा कि ये कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि समाज और संस्कृति की पाठशाला है. जो करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति से जोड़ती है. </p>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम योगी ने पाती में लिखा- भारतीय परंपराओं में कुछ यात्राएं धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं होतीं, अपितु वे समाज, संस्कृति, अनुशासन एवं लोकजीवन की जीवंत पाठशाला भी बन जाती हैं. श्रावण में निकलने वाली कांवड़ यात्रा ऐसी ही एक अनुपम परंपरा है, जो प्रत्येक वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के सूत्र से जोड़ती है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम ने लिखी पाती</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक शिवभक्त की पहचान एक होती है कांवड़िया, भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृद्य में भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा. पैदल चलते क़दम अलग हो सकते हैं लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है महादेव का जलाभिषेक, यहां जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र अथवा आर्थिक भेद गौण हो जाते हैं. कांवड़ यात्रा समरसता का महापर्व है और यही सनातन संस्कृति के समभाव का जीवंत उदाहरण हैं. </p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा कि तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता और एकता से राष्ट्र निखरता है. दिव्यांग शिवभक्तों का समर्पण देखकर मन श्रद्धा से भर उठता है. जो कठिनाईयों की चिंता किए बिना कांवड़ लेकर पूरे उत्साह से यात्रा पूर्ण करते हैं तो मन श्रद्धा से भर उठता है. श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास और समर्पण कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है. </p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सरकार ने किए विशेष इंतजाम</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम ने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए यूपी सरकार कृतसंकल्पित है. कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल और चिकित्सा समेत सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है. कांवड़ियों के स्वागत में पुष्पवर्षा, यात्रा मार्गों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं. शिवभक्तों की सुगम यात्रा के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन और सतत निगरानी के माध्यम से मात्रा को सुचारू बनाया गया है. </p>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम ने अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाएं. पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाएं, प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लें. यदि मार्ग में एंबुलेंस अथवा विद्यालय वाहन जा रहा हो, तो उसे प्राथमिकता दें. हमारी छोटी-सी सजगता किसी के लिए बड़ी सहायता बन सकती है. </p>
<p style=”text-align: justify;”>श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा—यही कांवड़ यात्रा की आत्मा है. कांवड़ यात्रा भगवान शिव के लोकमंगल के संदेश को आगे बढ़ाती है. </p>