महोबा में जमीन अधिग्रहण का विरोध, 5 गांव के 500 किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट
<p style=”text-align: justify;”>उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद के कबरई ब्लॉक अंतर्गत पांच गांवों के किसान औद्योगिक गलियारे के तहत अपनी उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण की खबर से बेहद चिंतित हैं. अधिग्रहण की प्रक्रिया रुकवाने के लिए करीब 500 किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी गजल भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों का कहना है कि सिंचित और उपजाऊ जमीन छिन जाने से लगभग 1200 किसान प्रभावित होंगे और गांव में पलायन की नौबत आ जाएगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बुंदेलखंड के महोबा में औद्योगिक गलियारे के नाम पर जमीनों के अधिग्रहण की खबर से कबरई ब्लॉक के पांच गांवों में हड़कंप मचा हुआ है. चिचारा , मवई, तमौरा, छानी कला और बरबई गांव के किसान अपनी उपजाऊ और सिंचित जमीन को बचाने की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जिलाधिकारी गजल भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा. हाथ में मांग पत्र लिए लगभग 500 किसानों ने जिलाधिकारी की चौखट पर अपनी पीड़ा जताई.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>बिना किसी पूर्व सूचना के जमीनों का किया जा रहा अधिग्रहण </h3>
<p style=”text-align: justify;”>किसानों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना दिए ही उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है. इस बात की जानकारी उन्हें अखबारों में प्रकाशित सूचनाओं के माध्यम से हुई. तमौरा गांव के ग्राम प्रधान नरेंद्र पांडे के मुताबिक सरकार द्वारा बिना कारण बताए लगभग 11,000 हेक्टेयर सिंचित जमीन ली जा रही है, जिससे करीब 1200 किसान परिवार सीधे प्रभावित होंगे. यदि यह जमीन छिन जाती है, तो इलाके की 80 फीसदी आबादी के पास पलायन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. किसानों ने मांग की है कि खेती योग्य जमीनों के बजाय क्षेत्र में मौजूद उबड़-खाबड़ और बंजर भूमि का उपयोग औद्योगिक गलियारे के लिए किया जाए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><span style=”color: #e03e2d;”><a style=”color: #e03e2d;” href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/akash-anand-targets-akhilesh-yadav-rahul-gandhi-call-uncle-and-bjp-in-sadabad-bsp-rally-up-3173134″>आकाश आनंद ने खुद बताया- अखिलेश यादव और राहुल गांधी को क्यों कहा अंकल?</a></span></strong></p>
<h3 style=”text-align: justify;”>8,000 बीघा कृषि योग्य भूमि इस योजना के दायरे में</h3>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं चिचारा गांव के प्रधान प्रतिनिधि ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि अचानक जमीन अधिग्रहण की खबर से कई छोटे और सीमांत किसान पूरी तरह भूमिहीन होने के कगार पर पहुंच गए हैं. लगभग 8,000 बीघा कृषि योग्य भूमि इस योजना के दायरे में आ रही है, जिससे किसानों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीण इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक और एमएलसी के समक्ष भी अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने किसानों की समस्याओं को सुना. उन्होंने आश्वस्त किया है कि संबंधित उपजिलाधिकारी (SDM) की अध्यक्षता में एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है. यह टीम गांव के स्तर पर जाकर किसानों की समस्याओं और आपत्तियों को सुनेगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><span style=”color: #e03e2d;”><a style=”color: #e03e2d;” href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/up-politics-akash-anand-called-akhilesh-yadav-and-rahul-gandhi-uncle-3173159″>आकाश आनंद ने अखिलेश और राहुल को कहा’अंकल’, भड़की सपा बोली- बच्चे, दूध के दांत…</a></span></strong></p>