जिसका कोई नहीं, उसके रितेश मिश्रा, 3000 से ज्यादा लावारिस शवों का करा चुके अंतिम संस्कार, हर धर्म का रखते हैं ख्याल
Ayodhya News: अयोध्या के रितेश मिश्रा की कहानी इंसानियत की ऐसी मिसाल है, जहां धर्म और पहचान से पहले इंसान मायने रखता है. पिछले कई वर्षों से रितेश उन लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठा रहे हैं, जिनका कोई अपना सामने नहीं आता. अब तक वह 3000 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार करा चुके हैं और यह सेवा पूरी तरह निशुल्क करते हैं. खास बात यह है कि हिंदू हो या मुस्लिम, वह हर शव को उसकी परंपरा के मुताबिक सम्मानजनक अंतिम विदाई दिलाने का प्रयास करते हैं. बचपन में मंदिर सेवा से शुरू हुआ उनका सफर आज बेसहारा लोगों के लिए बड़ी सेवा में बदल चुका है.