जौनपुर: अमेरिका में अरबपति बेटों ने पिता को छोड़ा, वृद्धाश्रम में इंजीनियर सिलविंदर सिंह, दौलत की चमक में खोई इंसानियत की दर्दनाक कहानी
जिस पिता ने कंधे पर बैठाकर दुनिया दिखाई, आज उसी पिता को सहारा देने के लिए बेटों के पास न वक्त है, न जज्बात. औलादों के लिए भारत अब सूट नहीं करता और लाचार पिता के पास सिर्फ एक सवाल बचा है, क्या औलाद की कामयाबी की यही कीमत एक बाप को चुकानी पड़ती है? यह दर्दनाक दास्तान है कभी विदेश में इंजीनियर रहे बुजुर्ग सिलविंदर सिंह की है. आज उनकी आंखों से बहते आंसू दौलत की उस खोखली चमक का सच बयां कर रहे हैं, जहां बेटे तो अरबपति बन गए, लेकिन इंसानियत में कौड़ी के रह गए.