आज का एक्सप्लेनर:प्राइवेट पार्ट्स चुराने के आरोप में 80 से ज्यादा हत्याएं, कोई साजिश या कोरी अफवाह, इन देशों में आखिर चल क्या रहा है
अफ्रीकी देश तंजानिया। 1 अप्रैल 2026 को बोनिफेस मगाला नाम का एक कार मैकेनिक और उसका दोस्त एक रेस्टोरेंट में बैठे खाना खा रहे थे। अचानक भीड़ अंदर घुसी और उनको घसीटकर बाहर ले गई और कहा- ‘तुम लोगों ने प्राइवेट पार्ट्स चुराए हैं।’ दोनों को इतना पीटा कि दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई, मगाला को दो दिन बाद होश आया। ये सिर्फ एक मामला नहीं है। कई अफ्रीकी देशों में यही आरोप लगाकर सैकड़ों लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। आखिर जननांग चोरी का ये मामला क्या है, ये कोई अफवाह है या इसके पीछे कोई साजिश; जानते हैं आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: जननांग चोरी के आरोप में हत्याओं का पूरा मामला क्या है? जवाब: अक्टूबर 2025 से जुलाई 2026 तक करीब 10 महीनों में जेनाइटल पार्ट्स की चोरी के आरोप में 6 अफ्रीकी देशों में 80 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई है। ये आंकड़े बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताए हैं। इन हत्याओं के पीछे एक पैटर्न है- भीड़ किसी अजनबी को घेरकर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर देती है। अजनबी पर आरोप ये होता है कि उसने किसी मर्द के कंधे पर हलके से थपथपाया या उसको छुआ, जिससे उसके प्राइवेट पार्ट्स सिकुड़ गए या गायब हो गए। ऐसी घटनाओं की शुरुआत पिछले साल सेंट्रल अफ्रीकी देश कांगो में हुई… इसके बाद धीरे-धीरे ये अफवाहें आसपास के कई देश- बुरुंडी, जांबिया, तंजानिया, मोजाम्बिक, अंगोला, मलावी और केन्या में भी फैल गईं… सवाल-2: क्या इन अफवाहों के पीछे वाकई कोई बीमारी है? जवाब: सीधा जवाब है- नहीं। मेडिकली ऐसा संभव नहीं है कि किसी के छूने भर से जननांगों पर कोई असर पड़ता हो। तंजानिया के एक फोटोग्राफर ने कहा कि अफवाहों के चलते युवा डरे हुए थे। तंजानिया के मोंबा जिले के कमिश्नर एलियास डेनियल के मुताबिक, कुछ मामलों में लोगों ने जानबूझकर आपराधिक इरादे से दहशत फैलाने की कोशिश की। कांगो में जननांग चोरी के मामलों में पुलिस जब लोगों से कहती कि तुम्हारे जेनाइटल पार्ट्स सही-सलामत हैं, तो वो दावा करने लगते कि उनके जेनाइटल पार्ट्स पहले से छोटे हो गए हैं या वो अब नपुंसक हो गए हैं। मनोविज्ञान की भाषा में इसके लिए एक शब्द है- ‘कोरो सिंड्रोम’। ये एक कल्चर-बाउंड साइकैट्रिक डिसऑर्डर है। यानी किसी खास इलाके या समुदाय के लोगों में फैली एक मनोवैज्ञानिक बीमारी, जिसमें लगने लगता है कि उनके जननांग सिकुड़ रहे हैं। एक्सपर्ट्स इसे ‘मास साईकैट्रिक इलनेस’, यानी सामूहिक मानसिक बीमारियों की कैटेगरी में रखते हैं। ठीक उसी तरह, जैसे मास हिस्टीरिया, यानी सामूहिक डर की बीमारी। मिसाल के लिए नवंबर 2024 में उत्तर प्रदेश के बरेली के एक स्कूल में कुछ बच्चे किसी चीज से डर गए और फिर अचानक क्लास के सारे बच्चे कांपने और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। जबकि असल में उस स्कूल में डराने वाली कोई घटना या कोई चीज थी ही नहीं। सवाल-3: ये अफवाहें फैलने की असली वजह क्या है? जवाब: 3 बड़ी वजहें हैं… 1. कई अफ्रीकी देशों में अंधविश्वास, तांत्रिकों का डर 2. सोशल मीडिया पर कथित पीड़ितों के दावे 3. बीमारी के इलाज का दावा करने वाले ठग इस मामले से जुड़ी जियोपॉलिटिक्स का भी एक वाकया है। 2024 में सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक की राजधानी बांगुई में अफवाह फैली कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक सीक्रेट ऑपरेशन को मंजूरी दी है। इसके तहत यूरोप में घट रही प्रजनन दर से निपटने के लिए अफ्रीकी मर्दों के जननांग चुराए जा रहे हैं और उनको पेरिस के पास वर्साय के सीक्रेट बंकरों में जमा किया जा रहा है। रूस समर्थित माली की वेबसाइट Bamada.net पर ऐसी खबरें चलीं। बाद में कहा गया कि रूस, फ्रांस के उपनिवेश रहे अफ्रीकी देशों पर फ्रांस का प्रभाव कम करने के लिए ये खबरें फैला रहा था। सवाल-5: क्या दुनिया के दूसरे इलाकों में भी ‘सेक्स थीव्स’ की अफवाहें फैलती हैं? जवाब: हां, अफ्रीका के बाहर भी कोरो सिंड्रोम फैलने का पुराना इतिहास है… जूलियन के मुताबिक, ‘इन इलाकों में अजनबियों से डर के चलते उन पर शक पैदा होता है। यहां अपने समुदाय या कबीले या देश से बाहर के लोगों को दोषी ठहराने की सोच है। यहां के लोगों में शहरीकरण, गुमनामी और मर्दानगी को लेकर चिंताओं जैसी वजहें भी हैं, जिसके चलते लोग ऐसी अफवाहों पर जल्दी ट्रिगर होते हैं। ——————— ये खबर भी पढ़िए… अजीब आवाजें सुनीं, फिर अपने 3 बच्चों की हत्या कर दी, क्या ये डिलीवरी के बाद हुआ पागलपन या सोची-समझी साजिश 36 साल की एक मां नोट लिखती है- ‘मुझे डर है कहीं मेरे बच्चों को कुछ हो न जाए। मैं कुछ ऐसा न कर दूं जिससे उनका डेवलपमेंट रुक जाए। 5 सालों से मैंने अपना दिमाग पालन-पोषण की बातों से भर रखा है, ये पागलपन है।’ पूरी खबर पढ़िए…