Lobia farming : लोबिया के पीछे पड़े फल छेदक कीट, बारिश लेकर आ गई ये कैसी आफत?
Lobia Farming Tips : लोबिया की खेती किसानों की किस्मत बदल सकती है. आमतौर पर इसकी खेती बारिश के मौसम में होती है, लेकिन अत्यधिक नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से फसल में फल छेदक कीट और दूसरी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. लोकल 18 से शाहजहांपुर के किसान रनजोद सिंह बताते हैं कि मानसून के दौरान जल भराव और फल छेदक कीट लोबिया की फसल के सबसे बड़े दुश्मन हैं. बरसात में कीट पत्तियों और फलियों को खाकर गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. इससे बचने के लिए किसान खेत में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें. जैसे ही फल छेदक कीट के लक्षण दिखें, तुरंत जैविक कीट निवारक या कीटनाशक का स्प्रे करें. कीटों की रोकथाम के लिए सबसे पहले खेत में 5-6 फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ लगाएं. जैविक नियंत्रण के लिए नीम तेल 5ml लीटर पानी का नियमित छिड़काव करें. प्रकोप ज्यादा हो, तो स्पिनोसैड (Spinosad 45% SC) 0.3 ml प्रति लीटर पानी या एमामेक्टिन बेंजोएट (Emamectin Benzoate 5% SG) 0.5 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर छिड़काव करें.