Baigan ki kheti : शाखाएं मुरझाकर सूख रहीं, फल अंदर से खोखला? बैंगन के पीछे पड़ा ये कीट
How to protect brinjal crop : बरसात का मौसम में बैंगन की खेती के लिए वरदान से कम नहीं. बस किसानों को तना और फल छेदक कीट से अपनी फसल बचानी होगी. ये कीट फसल को शुरुआती अवस्था से ही नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं. शाहजहांपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. हादी हुसैन लोकल 18 से बताते हैं कि बरसात में अत्यधिक नमी और तापमान कीटों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं. तना छेदक की इल्ली तने के अंदर घुसकर पौधों का विकास रोक देती है. यह फलों में छेद कर उन्हें अंदर से खोखला कर देती है. इससे बचाव के लिए किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाना चाहिए. इस कीट के हमले से शुरुआती दिनों में पौधों की ऊपरी कोमल शाखाएं मुरझाकर सूख जाती हैं. फल आने की अवस्था में फलों पर छोटे-छोटे छेद दिखाई देते हैं. उनके अंदर कीट का मल जमा होने लगता है. प्रभावित फल समय से पहले ही गिर जाते हैं.