जल्दी अमीर बनने की चाहत ने पहुंचाया जेल, ठगी केस में पिता-पुत्री गिरफ्तार
<p style=”text-align: justify;”>गोरखपुर से ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, यहां रेलवे स्टेशन अधीक्षक की बेटी ने अपने ही परिवार के लोगों से करोड़ों की ठगी की है. लड़की के इस काम में उसके पिता, पति और अन्य सहयोगियों ने भी साथ दिया, पुलिस ने पिता-पुत्री को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. हैरत की बात ये है कि लड़की ठगी से करोड़पति बनने की बात वो रोज डायरी में लिखती रही है और करोड़पति बनने के लिए भगवान को रोज धन्यवाद भी देते हुए लिखती थी कि अब वो अरबपति भी बनेगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>गोरखपुर के एम्स थानाक्षेत्र के महादेवी झारखंडी कॉलोनी की रहने वाली लेडी नटवरलाल गरिमा सिंह ने गोरखपुर के सहजनवां में रेलवे स्टेशन अधीक्षक पिता ध्रुव नारायण सिंह के साथ मिलकर पौने दो करोड़ रुपये की ठगी की है. रेलवे में कार्यरत सत्य प्रकाश सिंह को इसने विश्वास में लेकर 1.67 लाख रुपये लोन करवाकर रकम को हड़प लिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/keshav-prasad-maurya-attacks-on-samajwadi-party-over-ruckus-in-assembly-monsoon-session-3170684″><strong>’जो बाबर और बाबरी मस्जिद के समर्थक हैं उन्हें…’, सपा पर केशव मौर्य का बड़ा हमला</strong></a></p>
<h3 style=”text-align: justify;”>ठगी मामले में पिता-पुत्री गिरफ्तार</h3>
<p style=”text-align: justify;”>पुलिस ने गरिमा सिंह और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. 3 जुलाई (सोमवार) को गोरखपुर एम्स थाने की पुलिस ने गरिमा सिंह और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस उसके पति और अन्य साथियों की तलाश कर रही है. पुलिस ने गरिमा के पास से एक डायरी बरामद की है. इसमें वह रोज अपने करोड़पति बनने पर भगवान को थैंक्स कहती थी और लिखती थी कि अब वह जल्द ही अरबपति बन जाएगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि एक अगस्त को रेलवे में काम करने वाले सत्यप्रकाश सिंह एम्स थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस को बताया कि ध्रुव नारायण सिंह उनकी ही तरह ही स्टेशन अधीक्षक हैं. उनका एक कार लोन था. ध्रुव नारायण ने उन्हें अपनी बेटी गरिमा से मिलवाया. गरिमा ने उनसे कहा कि उनका लोन चुटकियों में खत्म करा देगी. </p>
<h3 style=”text-align: justify;”>6 बैंकों से 1.67 करोड़ रुपये पास कराया लोन</h3>
<p style=”text-align: justify;”>इसके लिए उन्हें एक पर्सनल लोन लेना होगा. उसकी रकम मेरे खाते में डालनी होगी. उसकी हर महीने की ईएमआई वो खुद भरेगी. उनके डॉक्यूमेंट लेकर गरिमा ने 6 बैंक आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, यस बैंक, एसबीआई, एसएमएफजी और बंधन बैंक से कुल 1.67 करोड़ रुपये का लोन पास करा लिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>एसपी के मुताबिक, सत्यप्रकाश ने पुलिस को बताया कि गरिमा ने 3 महीने तक लोन की ईएमआई जमा की. फिर उनके पास बैंक से कॉल आने लगे. तब उन्होंने गरिमा से संपर्क किया. वह हर बार उन्हें टरका देती थी. वो कहती परेशान न हो, सब हो जाएगा. जब उसने EMI नहीं भरी, तब उन्होंने उसके खिलाफ शिकायत दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बताया गया कि गोरखपुर के सहजनवां में रेलवे स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह ने बेटी गरिमा सिंह की शादी साल 2020 में कुशीनगर के सुकरौली के भानू प्रताप सिंह से की थी. भानू प्रताप ठेकेदारी करता था. गरिमा का एक बेटा 3 साल और दूसरा 3 महीने का है. ठेकेदारी का काम कमजोर हुआ, तो भानू 2 साल पहले पत्नी के साथ अपने ससुर के मकान में आकर रहने लगा. </p>
<h3 style=”text-align: justify;”>गरिमा को था अमीर बनने का शौक</h3>
<p style=”text-align: justify;”>ध्रुव नारायण सिंह ने पुलिस को बताया कि बेटी को अमीर बनने का शुरू से शौक था. ऐसे में उसने ठगी करने की प्लानिंग की. इसके लिए उसने समाचारों को पढ़ा, इंटरनेट और यूट्यूब पर ठगी करने वाले लोगों के बारे में पढ़ा. फिर उसने बैंक से लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने की प्लानिंग की. </p>
<p style=”text-align: justify;”>ध्रुव नारायण सिंह के मुताबिक गरिमा ने सबसे पहले अपने लोगों को इसका शिकार बनाया. फिर उन्होंने भी बेटी के साथ मिलकर लोगों को इसका शिकार बनाया और बेटी की मदद करने लगा. रेलवे में जो उसके जानने वाले थे, जिन्होंने लोन ले रखा था या जिन्हें लोन लेना था, उन्होंने उन सभी को अपनी बेटी से मिलवा दिया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>दो तरह के लोगों की तलाश में रहती थी गरिमा</h3>
<p style=”text-align: justify;”>पुलिस ने बताया कि गरिमा सिंह दो टाइप के लोगों को तलाशती थी. पहले वो जिन्हें लोन की जरूरत होती थी. दूसरे वो, जिन्होंने पहले से लोन ले रखा था. गरिमा सिंह लोगों का लोन लेने के लिए ब्रेनवॉश करती थी. वह कहती थी कि आप लोन ले लो, किस्त मैं भर दूंगी. वह जितना भी लोन बैंक से निकलवाती, उसका 10-20 प्रतिशत लेने वाले को दे देती थी. बाकी रकम खुद के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा लेती थी. गरिमा सिंह ने रेलकर्मी मोहन सिंह, ब्रह्मनंद सिंह, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. परमात्मा सिंह, साधना मल्ल, सुग्रीव सिंह और संदीप पांडेय से भी ठगी की. इन सभी ने सीओ ऑफिस में शिकायत की है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>अन्य अरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस</h3>
<p style=”text-align: justify;”>पुलिस ने गरिमा सिंह और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं उसके पति भानू प्रताप सिंह, उसके सहयोगी विशाल यादव, राजेंद्र कुमार, चंद्रप्रकाश, दिनकर मणि त्रिपाठी और संजय सिंह उर्फ जयप्रकाश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है.</p>
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