अखिलेश के बाद डिंपल यादव ने गृह मंत्री अमित शाह पर बोला जुबानी हमला, पूछा- किसका इंतजार कर रहे?
<p style=”text-align: justify;”>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर विरोध का सामना कर रहे गृह मंत्री <a title=”अमित शाह” href=”https://www.abplive.com/topic/amit-shah” data-type=”interlinkingkeywords”>अमित शाह</a> ने कहा है कि वह संसद में बयान देंगे. हालांकि उनका बयान संसद के मॉनसून सत्र की कार्यवाही खत्म होने के एक दिन पहले 12 अगस्त को आया है. उनके इस बयान पर सियासी प्रतिक्रियाओं और टिप्पणियों के आने का क्रम जारी है. इस बीच समाजवादी पार्टी की नेता और उत्तर प्रदेश स्थित मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने गृह मंत्री पर बड़ा जुबानी हमला बोला है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए डिंपल ने पूछा कि ‘किसका इंतजार कर रहे थे.’ उन्होंने आरोप लगाया कि ‘मुझे नहीं लगता कि इस सरकार में विनम्रता, संवेदनशीलता या समझदारी जैसी कोई चीज है. मेरा मतलब है, आप किसका इंतजार कर रहे हैं? आप विपक्ष का इंतजार क्यों कर रहे हैं? हमें उम्मीद थी कि वे आएंगे और अपना बयान देंगे.'</p>
<p style=”text-align: justify;”><a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/basti-ajay-rai-targets-amit-shah-parliament-standoff-opposition-voice-ann-3174135″><strong>’अमित शाह जवाब दें बयान नहीं, फिर चलेगी संसद’, संसद के गतिरोध पर बोले अजय राय</strong></a></p>
<p style=”text-align: justify;”>इसी मुद्दे पर संभल से सासंद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा ‘अखिलेश यादव ने भी कहा है कि हम दोनों मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं. सरकार विपक्ष को बांटना चाहती है और सिर्फ एक मुद्दे पर चर्चा करना चाहती है. दूसरा मुद्दा, जो ‘चंदा चोरी’ से जुड़ा है, सरकार उससे बचना चाहती है.'</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>अमित शाह ने क्या कहा?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि विपक्ष छात्रों से जुड़े विषय पर चर्चा के लिए तैयार हो तो वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं तथा सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है. बीते 20 जुलाई को आरंभ हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में जारी गतिरोध के बीच शाह ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा और आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा होने ही नहीं देना चाहता.</p>